सॉफ्टवेयर (Software)

1.सॉफ्टवेयर(software) :-
हम कंप्यूटर की मदद से विभिन्न प्रकार के कार्यों को संपन्न कर सकते हैं। असल में सभी प्रक्रियाएं सॉफ्टवेयर की मदद से की जाती हैं जो किसी एक सेकेंडरी मेमोरी डिवाइस में संग्रहीत हो जाती है। सॉफ्टवेयर, प्रोग्राम का एक और नाम है। सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामों का संग्रह है जो एक विशेष प्रयोजन के लिए लिखा गया है। प्रोग्राम एक निर्देशों का समूह है जो की किसी विशेष प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा गया है। 
⭐ सॉफ्टवेयर के दो प्रमुख प्रकार हैं: सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर। इन दोनों सॉफ्टवेयरों के अपने-अपने कार्य क्षेत्र हैं।
(i) सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो पहले उपयोगकर्ता से सूचना का आदान - प्रदान करता है और फिर एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के साथ काम करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को अपने आंतरिक संसाधनों का प्रबंधन करने में मदद करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर सिर्फ एक प्रोग्राम नहीं है, बल्कि कई प्रोग्रामों का एक संग्रह है। सिस्टम प्रोग्राम्स के महत्वपूर्ण घटक निम्न प्रकार है:
→ ऑपरेटिंग सिस्टम (O.S.): ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कि कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर संसाधनों (सीपीयू, मेमोरी, इनपुट और आउटपुट आदि) का प्रबंधन और कंप्यूटर प्रोग्राम के लिए आम सेवाएं प्रदान करता है। यह कंप्यूटर और उपयोगकर्ता के बीच एक इंटरफेस प्रदान करता है। विडोज़ ओएस कंप्यूटर पर सबसे अधिक और व्यापक रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से एक है। लिनक्स और यूनिक्स ओएस भी कुछ विशेष प्रकार की एप्लिकेशन में इस्तेमाल किये जाते हैं। वे कई प्रकार के होते हैं, जैसे एम्बेडेड, वितरित, रियल टाईम आदि ।
→ यूटिलिटीज (Utilities): यूटिलिटीज विभिन्न प्रकार की सेवाएं हैं जो की ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा प्रदान की जाती हैं। यूटिलिटीज जैसे डीफ्रेग्मेंटर अवांछनीय फ़ाइल को हटाने एवं डिस्क के संसाधनों को पूर्ण रूप से काम में लेने के लिए उपयोगी होती हैं। इस सुविधा के द्वारा हम डिस्क स्पेस को भी व्यवस्थित कर सकते हैं।
→ डिवाइस ड्राइवर (Device drivers): ये एक तरह के विशेष प्रोग्राम होते है जो अन्य इनपुट और आउटपुट डिवाइस को बाकी के कंप्यूटर प्रणाली के साथ संवाद करने की अनुमति प्रदान करते है।
→ सर्वर (Servers): सर्वर की आवश्यकता तब पड़ती है जब अलग -अलग यूजर द्वारा किये गये अनुरोधों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोग्राम को रन करने की जरुरत होती है।
(ii)एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software):-
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर है जो विशेष रूप से उपयोगकर्ताओं के लिए तैयार किये जाते है, इनको एंड यूजर प्रोग्राम्स भी कहते है। कुछ प्रोग्राम्स जैसे डाटाबेस प्रोग्राम, वर्ड प्रोसेसर, वेब ब्राउज़र, स्प्रेडशीट एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आते हैं। इन प्रोग्रामों कों बेसिक या स्पेशलाइज्ड एप्लिकेशन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
बेसिक एप्लिकेशन (Basic Applications): इन एप्लिकशनों को व्यापक रूप से जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है:
→ व्यापार (Business)
→ शिक्षा (Education)
→ चिकित्सा विज्ञान (Medical Sciences)
→ बैंकिंग (Banking)
→ इंडस्ट्रीज (Industries)
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग आप अनेक कामों के लिये कर सकते है जैसे संदेश भेजने, दस्तावेज तैयार करने, स्प्रेडशीट बनाने, डेटाबेस, ऑनलाइन शॉपिंग आदि । एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर इस तरीके से तैयार किये जाते है जिससे कि उपयोगकर्ता के लिये काम करना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए यदि कोई उपयोगकर्ता कोई /कभी भी वर्ड फ़ाइल बनाता है तो उसे साइज़ पहले से ही सेट मिलता है जिसे वो अपने अनुसार चेंज कर सकता है। उपयोगकर्ता डॉक्यूमेंट में रंग भरना, शीर्षक और तस्वीरें आवश्यकता अनुसार जोड़ सकते हैं।
उदाहरण: - वेब ब्राउज़र एक एप्लिकेशन सॉफ्टवेर है जिसे विशेष रूप से इंटरनेट पर पाई जाने वाली इनफॉर्मेशन एवं कंटेंट खोजने के लिए तैयार किया गया है।
वेब ब्राउज़र के नाम (Browsers names): इंटरनेट एक्सप्लोरर, मॉज़िला फायरफोक्स, गूगल क्रोम एवं सफारी आदि |
स्पेशलाइज्ड एप्लिकेशन (Specialized Applications): इनमे हजारों अन्य प्रोग्राम है जोकि विशिष्ट विषयों और व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। कुछ सबसे अच्छे प्रोग्राम्स है ग्राफिक्स, ऑडियो, वीडियो, मल्टीमीडिया, वेब लेखन, और कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial Intelligence)

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